सूर्यकिरण-चिकित्सा
/ Categories: Health Tips, Uttarayaṇa

सूर्यकिरण-चिकित्सा

निर्दोष चिकित्सा पद्धतियों की औषधियों में सूर्य और चन्द्रमा की कृपा से ही रोगनाशक शक्तियाँ आती हैं । सूर्यस्नान से बहुत सारे रोग मिटते हैं । सिर को ढककर सूर्य की कोमल किरणों में लेट जाओं । लेटे-लेटे किया गया सूर्यस्नान विशेष फायदा करता है । सारे शरीर को सूर्य की किरणें मिलें, जिससे आपके अंगों में जिन रंगों की कमी है, वात-पित्त का जो असंतुलन हैं, वह ठीक होने लगे । सूर्यस्नान करने के पहले एक गिलास गुनगुना पानी पी लो और सूर्यस्नान करने के बाद ठंडे पानी से नहा लो तो ज्यादा फायदा होगा । सूर्य की रश्मियों में अद्भुत रोगप्रतिकारक शक्ति है। दुनिया का कोई वैद्य अथवा कोई मानवी इलाज उतना दिव्य स्वास्थ्य और बुद्धि की दृढता नहीं दे सकता है, जितना सुबह की कोमल सूर्य-रश्मियों में छुपे ओज-तेज से मिलता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सूर्यस्नान बाहर से ठीक है, लेकिन मन और मति को ठीक करने के लिए भगवान के नाम का जप आवश्यक हैं ।

Print
3925 Rate this article:
4.5
Please login or register to post comments.

Popular